Tilak Kathayein (तिलक कथा) - आज का पंचांग, आरती और हिंदू कथाएँ - Tilak Kathayein

Tilak Kathayein – हिंदू कथाएँ, आरती, चालीसा, मंत्र और मंदिर जानकारी

उडुपी श्री कृष्ण
मंदिर

Udupi Shri Krishna Mandir | उडुपी श्री कृष्ण मंदिर – दर्शन समय, इतिहास, कैसे पहुंचें | संपूर्ण जानकारी

उडुपी श्री कृष्ण मंदिर का इतिहास, दर्शन समय, पहुंच मार्ग और महत्व जानें, जो कर्नाटक का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह प्राचीन मंदिर अपने अनूठे दर्शन और आध्यात्मिक वातावरण के लिए विख्यात है।

Tilak Kathayein08 Jun 2026
Khatu Shyam Mandir
मंदिर

Khatu Shyam Mandir | खाटू श्याम मंदिर 2026 – दर्शन समय, इतिहास, कैसे पहुंचें | संपूर्ण जानकारी

Khatu Shyam Mandir (Sikar, Rajasthan) की संपूर्ण जानकारी – आरती समय, दर्शन timing, कैसे पहुंचें, इतिहास और यात्रा गाइड। जानें सब कुछ एक जगह।

Tilak Kathayein28 Mar 2026
🕉

आज का पंचांग

19 जून 2026 • शुक्रवार

🌙
तिथि
पंचमी
🌗
पक्ष
शुक्ल पक्ष
📅
मास
आषाढ़
🗓️
वि.सं.
वि.सं. 2083
📿
वार
शुक्रवार
नक्षत्र
आश्लेषा

नवीनतम लेख

श्रीमद भागवत पुराण
ग्रंथ

श्रीमद भागवत पुराण – अध्याय 9: मुक्ति और विष्णु की कृपा

श्रीमद भागवत पुराण का अध्याय 9 — मुक्ति और विष्णु की कृपा। यह अध्याय भगवान विष्णु की भक्ति से मोक्ष प्राप्त करने, उनकी कृपा का महत्व, और भागवत पुराण के श्रवण का फल बताता है।

13 Apr 202651
रामचरितमानस
ग्रंथ

रामचरितमानस – अध्याय 5: सुन्दरकाण्ड: हनुमान की यात्रा

रामचरितमानस का अध्याय 5 — सुन्दरकाण्ड: हनुमान की यात्रा। यह काण्ड हनुमान की लंका यात्रा, सीता से भेंट और लंका दहन का वर्णन करता है।

13 Apr 202659
देवी भागवत पुराण
ग्रंथ

देवी भागवत पुराण – अध्याय 2: महिषासुर के साथ युद्ध

देवी भागवत पुराण का अध्याय 2 — महिषासुर के साथ युद्ध। देवी दुर्गा और महिषासुर के बीच घोर युद्ध होता है, जिसमें देवी विभिन्न रूपों में असुरों का संहार करती हैं।

13 Apr 202644
श्रीमद भागवत पुराण
ग्रंथ

श्रीमद भागवत पुराण – अध्याय 8: अन्य अवतार और विष्णु की महिमा

श्रीमद भागवत पुराण का अध्याय 8 — अन्य अवतार और विष्णु की महिमा। विष्णु के अन्य अवतारों का वर्णन, जैसे परशुराम और बुद्ध, और उनकी महिमा का गान किया गया है।

13 Apr 202644
रामचरितमानस
ग्रंथ

रामचरितमानस – अध्याय 4: किष्किन्धाकाण्ड: वानर गठबंधन

रामचरितमानस का अध्याय 4 — किष्किन्धाकाण्ड: वानर गठबंधन। यह काण्ड राम और हनुमान की भेंट, सुग्रीव की मित्रता और बाली के वध की कथा कहता है।

13 Apr 202648
शिव पुराण
ग्रंथ

शिव पुराण – अध्याय 2: सती का बलिदान और पुनर्जन्म

शिव पुराण का अध्याय 2 — सती का बलिदान और पुनर्जन्म। यह अध्याय सती के दक्ष प्रजापति के यज्ञ कुण्ड में आत्मदाह करने और पार्वती के रूप में पुनर्जन्म लेने की कथा कहता है।

13 Apr 202669
देवी भागवत पुराण
ग्रंथ

देवी भागवत पुराण – अध्याय 1: दुर्गा का उत्पत्ति कथा

देवी भागवत पुराण का अध्याय 1 — दुर्गा का उत्पत्ति कथा। देवी दुर्गा की उत्पत्ति की कहानी, देवताओं द्वारा उनकी स्तुति, और महिषासुर के अत्याचारों का वर्णन किया गया है।

13 Apr 202674
महाभारत
ग्रंथ

महाभारत – अध्याय 9: परिणाम एवं कृष्ण का प्रस्थान

महाभारत का अध्याय 9 — परिणाम एवं कृष्ण का प्रस्थान। युद्ध के बाद की घटनाओं, पांडवों का शासन, और कृष्ण के पृथ्वी से प्रस्थान का वर्णन इसमें है।

13 Apr 202656
श्रीमद भागवत पुराण
ग्रंथ

श्रीमद भागवत पुराण – अध्याय 7: कृष्ण अवतार: प्रेम और धर्म

श्रीमद भागवत पुराण का अध्याय 7 — कृष्ण अवतार: प्रेम और धर्म। भगवान विष्णु कृष्ण अवतार लेकर कंस का वध करते हैं, महाभारत युद्ध में अर्जुन को गीता का उपदेश देते हैं, और प्रेम एवं धर्म की स्थापना करते हैं।

13 Apr 202651
Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

'नमो चंडिके, नमो चामुंडाय नमः' मंत्र जाप से शक्ति और सुरक्षा मिलती है, जो दुर्गा सप्तशती में वर्णित है और देवी चामुंडा के दिव्य स्वरूप की आराधना द्वारा आध्यात्मिक उन्नति और विघ्न निवारण का मार्ग प्रशस्त करता है.

26 May 202665
ॐ जय जगदीश हरे

Om Jai Jagdish Hare | ॐ जय जगदीश हरे

ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान विष्णु को समर्पित है, जिसकी सरल विधि और भक्तिपूर्ण गायन से आध्यात्मिक शांति मिलती है। यह आरती घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

09 May 202677
जय अम्बे गौरी

Jai Ambe Gauri | जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी आरती के बोल माता दुर्गा की स्तुति हैं, जिसे विधिपूर्वक गाने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह शक्तिशाली आरती नवरात्रि में विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसका जप भव बाधाओं को दूर करता है।

09 May 202664
काल भैरव और कुत्ते का संबंध | पौराणिक महत्व | काल भैरव और कुत्ते का संबंध | पौराणिक महत्व

काल भैरव और कुत्ते का संबंध | पौराणिक महत्व | काल भैरव और कुत्ते का संबंध | पौराणिक महत्व

कालभैरव का वाहन कुत्ता है, जो रक्षा और वफादारी का प्रतीक माना जाता है। हिंदू धर्म में, भैरव को शिव का रौद्र रूप और काशी का कोतवाल कहा जाता है, जिनकी पूजा अनिष्ट निवारण और सुरक्षा के लिए की जाती है।

07 Jun 202647
मंगल दोष

What is Mangal Dosha? | मंगल दोष क्या है?

हिंदू धर्म में मंगल दोष का गहन महत्व है, जो विवाह और व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करता है। यह दोष ज्योतिषीय गणना पर आधारित है और इसके निवारण के उपाय भी बताए गए हैं।

02 Jun 2026100
उत्तराखंड के चार धाम | Uttarakhand Char Dham Yatra in Hindi

उत्तराखंड के चार धाम | Uttarakhand Char Dham Yatra in Hindi

उत्तराखंड के चार धाम – बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में पढ़ें। जानें चार धाम यात्रा का धार्मिक महत्व, यात्रा मार्ग, दर्शन समय और यात्रा टिप्स।

28 May 202659
गंगा दशहरा 2026 कब है? महत्व, कथा और गंगा स्नान के लाभ

When is Ganga Dussehra 2026? | गंगा दशहरा 2026 कब है?

सन 2026 में गंगा दशहरा 1 जून को मनाया जाएगा, जो हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है; इस दिन गंगा स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है। यह पर्व राजा भगीरथ द्वारा स्वर्ग से गंगा को धरती पर लाने की कथा से जुड़ा है, जिसके महत्व और लाभ के बारे में विस्तृत जानक

23 May 2026152
कालाष्टमी व्रत – अध्याय 5: भक्ति का फल और सीख

कालाष्टमी व्रत – अध्याय 5: भक्ति का फल और सीख

कालाष्टमी व्रत का अध्याय 5 — भक्ति का फल और सीख। यह अंतिम अध्याय बताता है कि कालाष्टमी व्रत रखने से प्राप्त होने वाले परिणाम और इससे मिली सीख क्या है।

08 Jun 202654
कालाष्टमी व्रत – अध्याय 4: दिव्य हस्तक्षेप और आशीर्वाद

कालाष्टमी व्रत – अध्याय 4: दिव्य हस्तक्षेप और आशीर्वाद

कालाष्टमी व्रत का अध्याय 4 — दिव्य हस्तक्षेप और आशीर्वाद। अध्याय चार में, भगवान भैरव भक्त की अटूट भक्ति से प्रसन्न होते हैं और उसे अपना आशीर्वाद देते हैं।

08 Jun 202645
कालाष्टमी व्रत – अध्याय 3: परीक्षा और कष्टों का सामना

कालाष्टमी व्रत – अध्याय 3: परीक्षा और कष्टों का सामना

कालाष्टमी व्रत का अध्याय 3 — परीक्षा और कष्टों का सामना। इस अध्याय में, भक्त को भगवान की कृपा प्राप्त करने से पहले कई बाधाओं और परीक्षाओं का सामना करना पड़ता है।

08 Jun 202634