Tilak Kathayein – पंचांग, हिंदू कथाएँ, आरती, चालीसा और मंत्र

श्रावण सोमवार व्रत कथा: पूजा विधि, नियम, महत्व, उद्यापन और संपूर्ण जानकारी
ब्लॉग

श्रावण सोमवार व्रत कथा: पूजा विधि, नियम, महत्व, उद्यापन और संपूर्ण जानकारी

श्रावण सोमवार व्रत भगवान शिव को समर्पित पवित्र व्रत है। जानिए सावन सोमवार व्रत की कथा, पूजा विधि, नियम, महत्व, शिवलिंग अभिषेक, व्रत में क्या खाएं और उद्यापन की संपूर्ण विधि।

Tilak Kathayein13 Aug 2026
Solah Somvar Vrat Katha – सोलह सोमवार व्रत
शिव कथाएँ

Solah Somvar Vrat Katha – सोलह सोमवार व्रत

भगवान शिव को समर्पित यह व्रत विशेष रूप से विवाह, संतान सुख, मनोकामना पूर्ति और सौभाग्य के लिए किया जाता है। यह व्रत 16 लगातार सोमवार तक नियमपूर्वक किया जाता है…

Tilak Kathayein28 Jul 2025

नवीनतम लेख

Shankaracharya – आदि शंकराचार्य
भक्तमाल

Shankaracharya – आदि शंकराचार्य

पूरा नाम: आदि शंकराचार्यजन्म: 788 ई. (अनुमानित)जन्म स्थान: कालड़ी, केरल, भारतमाता-पिता: माता – आर्यम्बा, पिता – शिवगुरुसंप्रदाय: अद्वैत वेदांतगुरु: गोविंद भगवत्पादमुख्य ग्रंथ: ब्रह्मसूत्र भाष्य, भगवद गीता भाष्य, उपनिषद भाष्यनिधन: 820…

11 Feb 2025261
Chapter 12 : Bhakti Yoga – अध्याय १२: भक्तियोग
भागवद गीता

Chapter 12 : Bhakti Yoga – अध्याय १२: भक्तियोग

अर्जुन उवाच: एवं सततयुक्ता ये भक्तास्त्वां पर्युपासते। ये चाप्यक्षरमव्यक्तं तेषां के योगवित्तमाः ।। अर्जुन बोले- जो अनन्यप्रेमी भक्तजन पूर्वोक्त प्रकारसे निरन्तर आपके भजन ध्यानमें लगे रहकर आप सगुणरूप परमेश्वरको और…।

10 Feb 2025180
Holi Katha: The Spiritual Significance – होली कथा: आध्यात्मिक महत्व
त्योहार

Holi Katha: The Spiritual Significance – होली कथा: आध्यात्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को होली का पावन पर्व मनाया जाता है। भारतवर्ष में होली का पावन पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

09 Feb 2025236
Chapter 11 : Vishvarupa Darshana Yoga – अध्याय ११: विश्वरूपदर्शनयोग
भागवद गीता

Chapter 11 : Vishvarupa Darshana Yoga – अध्याय ११: विश्वरूपदर्शनयोग

अर्जुन उवाच मदनुग्रहाय परमं गुह्यमध्यात्मसञ्जितम् । यत्त्वयोक्तं वचस्तेन मोहोऽयं विगतो मम ॥ अर्जुन बोले- मुझपर अनुग्रह करनेके लिये आपने जो परम गोपनीय अध्यात्मविषयक वचन अर्थात् उपदेश कहा, उससे मेरा यह…

08 Feb 2025207
108 Names of Lord Ganesha – श्री गणेश के 108 नाम
शतनामावली

108 Names of Lord Ganesha – श्री गणेश के 108 नाम

भगवान गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता, बुद्धि और समृद्धि के दाता के रूप में जाना जाता है, उनके 108 नाम अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। हर नाम भगवान गणेश के विभिन्न गुणों, शक्तियों और लीलाओं का प्रतिनिधित्व करता है। इन नामों का जाप करने से भक्तों को ज्ञान, सफलता और बाधाओं से मुक्ति प्राप्त होती है। यह लेख भगवान गणेश के 108 नामों के अर्थ और उनके महत्व पर प्रकाश डालता है, जिससे भक्तों को उनकी पूजा में गहराई लाने में मदद मिलती है।

08 Feb 2025347
Shani Shingnapur – शनि शिंगणापुर
मंदिर

Shani Shingnapur – शनि शिंगणापुर

परिचय भारत में कई धार्मिक स्थल अपनी अनोखी मान्यताओं और परंपराओं के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित शनि शिंगणापुर मंदिर की विशेषता इसे…

07 Feb 2025201
Chapter 9 : Rajavidya Rajaguhya Yoga – अध्याय ९ : राजविद्याराजगुह्ययोग
भागवद गीता

Chapter 9 : Rajavidya Rajaguhya Yoga – अध्याय ९ : राजविद्याराजगुह्ययोग

इदं तु ते गुहातमं प्रवक्ष्याम्यनसूयवे। ज्ञानं विज्ञानसहितं यज्ञात्वा मोक्ष्यसेऽशुभात् ॥ श्रीभगवान् बोले- तुझ दोषदृष्टिरहित भक्तके लिये इस परम गोपनीय विज्ञानसहित ज्ञानको पुनः भलीभाँति कहूँगा, जिसको जानकर तू दुःखरूप संसारसे मुक्त…

05 Feb 2025199
Chamunda mata mandir – Chotila | चामुंडा माता मंदिर – चोटील
मंदिर

Chamunda mata mandir – Chotila | चामुंडा माता मंदिर – चोटील

चोटिला में स्थित चामुंडा माता मंदिर गुजरात, भारत में स्थित है। यहाँ पर चामुंडा देवी की पूजा और भक्तों का आदर किया जाता है। मंदिर का स्थान पहाड़ी क्षेत्र में है जहाँ से आसपास के सुंदर दृश्यों का आनंद लिया जा सकता है। यह मंदिर भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है।

04 Feb 20251,003
Chapter 8 : Aksara Brahma Yoga – अध्याय ८: अक्षरब्रह्मयोग
भागवद गीता

Chapter 8 : Aksara Brahma Yoga – अध्याय ८: अक्षरब्रह्मयोग

अर्जुन उवाच किं तद्ब्रह्म किमध्यात्मं किं कर्म पुरुषोत्तम। अधिभूतं च किं प्रोक्तमधिदैवं किमुच्यते ॥ अर्जुनने कहा- हे पुरुषोत्तम ! वह ब्रह्म क्या है? अध्यात्म क्या है? कर्म क्या है? अधिभूत…

03 Feb 2025148
Chapter 7 : Gyaan Vigyaan Yoga – अध्याय ७: ज्ञानविज्ञानयोग
भागवद गीता

Chapter 7 : Gyaan Vigyaan Yoga – अध्याय ७: ज्ञानविज्ञानयोग

श्रीभगवानुवाच मव्यासक्तमनाः पार्थ योगं युञ्जन्मदाश्रयः । असंशयं समग्रं मां यथा ज्ञास्यसि तच्छृणु ॥ श्रीभगवान् बोले- हे पार्थ! अनन्यप्रेमसे मुझमें आसक्तचित्त तथा अनन्यभावसे मेरे परायण होकर योगमें लगा हुआ तू जिस…

02 Feb 2025219
trimbakeshwar-jyotirlinga-guide
12 Jyotirlingas

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग: Trimbakeshwar Temple Guide & Katha

महाराष्ट्र के नासिक जिले में ब्रह्मगिरि पर्वत की तलहटी और पवित्र गोदावरी नदी के उद्गम स्थल पर स्थित त्र्यंबकेश्वर मंदिर भगवान शिव के 12 पावन ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इस ज्योतिर्लिंग की अद्वितीय विशेषता यह है कि यहाँ शिवलिंग में तीन मुख हैं, जो त्रिदेव—भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान रुद्र (महेश) के प्रतीक माने जाते हैं। शिव पुराण के अनुसार, महर्षि गौतम की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर महादेव यहाँ प्रकट हुए थे। यह पवित्र धाम कालसर्प दोष और नारायण नागबलि पूजा के लिए भी देश-विदेश में प्रसिद्ध है।

01 Feb 2025291
Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

'नमो चंडिके, नमो चामुंडाय नमः' मंत्र जाप से शक्ति और सुरक्षा मिलती है, जो दुर्गा सप्तशती में वर्णित है और देवी चामुंडा के दिव्य स्वरूप की आराधना द्वारा आध्यात्मिक उन्नति और विघ्न निवारण का मार्ग प्रशस्त करता है.

26 May 2026219
ॐ जय जगदीश हरे

Om Jai Jagdish Hare | ॐ जय जगदीश हरे

ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान विष्णु को समर्पित है, जिसकी सरल विधि और भक्तिपूर्ण गायन से आध्यात्मिक शांति मिलती है। यह आरती घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

09 May 2026249
जय अम्बे गौरी

Jai Ambe Gauri | जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी आरती के बोल माता दुर्गा की स्तुति हैं, जिसे विधिपूर्वक गाने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह शक्तिशाली आरती नवरात्रि में विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसका जप भव बाधाओं को दूर करता है।

09 May 2026344
श्री राम स्तुति: श्री रामचंद्र कृपालु भजमन – संपूर्ण पाठ, सरल अर्थ और आध्यात्मिक महत्व

श्री राम स्तुति: श्री रामचंद्र कृपालु भजमन – संपूर्ण पाठ, सरल अर्थ और आध्यात्मिक महत्व

श्री रामचंद्र कृपालु भजमन गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित भगवान श्रीराम की एक लोकप्रिय स्तुति है। जानें इसका संपूर्ण पाठ, हिंदी अर्थ, धार्मिक महत्व और पाठ के लाभ।

20 Jul 2026117
हे दुःख भंजन मारुती नंदन | हनुमान भजन लिरिक्स और महत्व

हे दुःख भंजन मारुती नंदन | हनुमान भजन लिरिक्स और महत्व

हे दुःख भंजन मारुती नंदन" भगवान हनुमान जी को समर्पित एक प्रसिद्ध भक्तिमय भजन है। इस भजन में भक्त पवनपुत्र हनुमान जी से दुखों को दूर करने, शक्ति और साहस प्रदान करने की प्रार्थना करता है। पढ़ें हनुमान भजन के सुंदर बोल और इसका महत्व।

27 Jun 2026304
उठो सोने वालों सबेरा हुआ है | वंशीधर शुक्ल का प्रेरणादायक देशभक्ति भजन<

उठो सोने वालों सबेरा हुआ है | वंशीधर शुक्ल का प्रेरणादायक देशभक्ति भजन

"उठो सोने वालों सबेरा हुआ है" वंशीधर शुक्ल द्वारा रचित एक प्रेरणादायक देशभक्ति भजन है। इस भजन में नई सुबह, आशा, जागृति और देश प्रेम का संदेश दिया गया है। पढ़ें इस प्रसिद्ध भजन के बोल, भावार्थ और इससे मिलने वाली प्रेरणा।

21 Jun 2026247
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गणेश जी को प्रथम पूज्य क्यों कहा जाता है? जानें पूरी पौराणिक कथा और रहस्य

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य या पूजा की शुरुआत अक्सर **भगवान गणेश के स्मरण** से की जाती है। इसके पीछे गणेश जी और उनके भाई कार्तिकेय से जुड़ी एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा है, जिसमें दोनों के बीच संसार की परिक्रमा करने की प्रतियोगिता हुई थी। गणेश जी ने बुद्धि और माता-पिता के प्रति अपनी श्रद्धा का परिचय देते हुए शिव-पार्वती की परिक्रमा की और विजयी हुए। प्रसन्न होकर उन्हें प्रथम पूज्य होने का वरदान मिला। इस लेख में जानें गणेश जी की प्रथम पूजा का कारण, पूरी पौराणिक कथा और इसके पीछे छिपा गहरा आध्यात्मिक संदेश।

11 Sep 20265
shitala-satam-2026-date-muhurat-puja-vidhi-katha

शीतला सातम 2026: Shitala Satam Date, Muhurat & Guide

सनातन धर्म में शीतला सातम (शीतला सप्तमी) आरोग्य, स्वच्छता और संक्रामक रोगों से रक्षा का पावन लोकपर्व है, जो मुख्य रूप से गुजरात और पश्चिमी भारत में श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में शीतला सातम 3 सितंबर 2026 (गुरुवार) को मनाई जाएगी, जबकि इससे एक दिन पूर्व 2 सितंबर 2026 को रांधण छठ पर भोजन पकाया जाएगा। इस दिन घर में अग्नि या चूल्हा जलाना वर्जित होता है और माता शीतला को एक दिन पूर्व बना ठंडा (बासोड़ा) भोजन अर्पित कर प्रसाद रूप में ग्रहण किया जाता है।

02 Sep 202640
7-shaktishali-nag-divine-connections

7 शक्तिशाली नाग और उनके दिव्य संबंध | नाग देवताओं की रहस्यमयी पौराणिक कथाएं

हिंदू धर्म और पुराणों में नागों को केवल सर्प नहीं, बल्कि शक्तिशाली दिव्य प्राणियों के रूप में वर्णित किया गया है। **शेषनाग, वासुकी, तक्षक, कर्कोटक और अन्य प्रमुख नागों** का संबंध भगवान विष्णु, भगवान शिव, समुद्र मंथन और अनेक पौराणिक घटनाओं से जुड़ा है। प्रत्येक नाग की अपनी अलग शक्ति, कथा और धार्मिक महत्व है। इस लेख में जानें **7 शक्तिशाली नागों** की अद्भुत कहानियां, उनके दिव्य संबंध और हिंदू धर्म में उनके विशेष स्थान से जुड़े रोचक पौराणिक रहस्य।

28 Aug 202655
नाग पंचमी 2026: नाग देवता को क्या चढ़ाएं और क्या नहीं? पूजा के 7 जरूरी नियम

नाग पंचमी 2026: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पौराणिक कथा

नाग पंचमी 2026 हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें नाग देवता की पूजा कर सुख-समृद्धि, परिवार की रक्षा और भगवान शिव की कृपा की कामना की जाती है। इस दिन पूजा में क्या अर्पित करना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए, इसे लेकर कई धार्मिक मान्यताएं हैं। इस लेख में जानें नाग पंचमी की पूजा विधि, पूजा सामग्री, 7 जरूरी नियम, क्या करें और क्या न करें, शुभ मुहूर्त और नाग देवता की पूजा का धार्मिक महत्व।

16 Aug 2026155
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4 Yugas Explained in Hindi | चार युगों की उत्पत्ति और रहस्य

हिंदू धर्मग्रंथों में समय को एक चक्र के रूप में समझाया गया है, जिसमें **सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग** क्रम से आते हैं। प्रत्येक युग में धर्म, मानव जीवन और नैतिक मूल्यों की स्थिति अलग बताई गई है। पुराणों में इन युगों की अवधि, विशेषताओं और एक युग से दूसरे युग में परिवर्तन का विस्तृत वर्णन मिलता है। इस लेख में जानें चारों युगों की उत्पत्ति, उनका क्रम, अवधि, धर्म के क्रमिक परिवर्तन और इस रहस्यमयी युगचक्र से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं की सम्पूर्ण जानकारी।

26 Aug 202664
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असुरों ने भगवान शिव की भक्ति क्यों की? 4 शक्तिशाली कारण और पौराणिक कथाएं

हिंदू पुराणों में कई ऐसे असुरों का वर्णन मिलता है जिन्होंने भगवान शिव की कठोर तपस्या और अनन्य भक्ति की थी। **रावण, बाणासुर और अन्य शिव भक्त असुरों** की कथाएं बताती हैं कि महादेव की भक्ति केवल देवताओं तक सीमित नहीं थी। असुरों ने शक्ति, वरदान, ज्ञान और अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए शिव की आराधना की, लेकिन उनकी कथाओं में भक्ति और अहंकार के बीच का अंतर भी स्पष्ट दिखाई देता है। इस लेख में जानें **4 प्रमुख कारण**, जिनके कारण असुर भगवान शिव के भक्त बने और उन्हें महादेव से कौन-कौन से वरदान प्राप्त हुए।

24 Aug 202697
भगवान जगन्नाथ का परिचय | इतिहास, पौराणिक कथा, स्वरूप एवं महत्व

भगवान जगन्नाथ का परिचय | इतिहास, पौराणिक कथा, स्वरूप एवं महत्व

भगवान जगन्नाथ भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप माने जाते हैं और ओडिशा के पुरी में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर विश्वभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

02 Jul 2026431
माँ धूमावती उत्पत्ति कथा

Dhumavati Utpatti Katha | माँ धूमावती उत्पत्ति कथा

धूमावती उत्पत्ति कथा, पाठ विधि और लाभों को जानकर आप इस देवी के रहस्यमय स्वरूप को समझ सकते हैं और जीवन की बाधाओं से मुक्ति पा सकते हैं। संपूर्ण कथा, विधि और लाभों का विस्तृत विवरण आपको माँ धूमावती की कृपा प्राप्त करने का मार्ग दिखाएगा।

23 Jun 2026187

🕉 पंचांग ज्ञान

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पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कालगणना की प्राचीन पद्धति है, जो तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — इन पाँच अंगों पर आधारित है। इससे शुभ मुहूर्त, व्रत-त्योहार और दैनिक ग्रह स्थिति का पता चलता है।

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तिथि क्या है?

तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोणीय अंतर से तय होती है। एक माह में 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष और 15 कृष्ण पक्ष में। व्रत-पूजा के लिए सही तिथि जानना आवश्यक है।

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नक्षत्र क्या है?

नक्षत्र आकाश में चंद्रमा के पथ के 27 भाग हैं। चंद्रमा प्रतिदिन एक नक्षत्र बदलता है, और प्रत्येक नक्षत्र का अपना देवता व स्वभाव होता है जो दिन की ऊर्जा को प्रभावित करता है।

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राहु काल क्या है?

राहु काल दिन का वह अशुभ समयखंड है जब नया कार्य, विवाह, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय नहीं लेने चाहिए। यह हर दिन और हर शहर में अलग समय पर आता है।

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शुभ मुहूर्त क्या है?

शुभ मुहूर्त वह समय है जब तिथि, नक्षत्र, योग और करण अनुकूल स्थिति में हों। ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित और गोधूलि मुहूर्त इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

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चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन और रात को 8-8 भागों में बाँटकर शुभ-अशुभ समय बताने की पद्धति है। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया सबसे शुभ माने जाते हैं।

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