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Tilak Kathayein

Tilak Kathayein TilakKathayein की संपादकीय टीम है, जो प्रामाणिक शास्त्रों पर आधारित हिंदू कथाएँ, आरती, चालीसा, मंत्र और पंचांग प्रकाशित करती है।

1045 लेख
Shankaracharya – आदि शंकराचार्य
भक्तमाल

Shankaracharya – आदि शंकराचार्य

पूरा नाम: आदि शंकराचार्यजन्म: 788 ई. (अनुमानित)जन्म स्थान: कालड़ी, केरल, भारतमाता-पिता: माता – आर्यम्बा, पिता – शिवगुरुसंप्रदाय: अद्वैत वेदांतगुरु: गोविंद भगवत्पादमुख्य ग्रंथ: ब्रह्मसूत्र भाष्य, भगवद गीता भाष्य, उपनिषद भाष्यनिधन: 820…

11 Feb 2025262
Chapter 12 : Bhakti Yoga – अध्याय १२: भक्तियोग
भागवद गीता

Chapter 12 : Bhakti Yoga – अध्याय १२: भक्तियोग

अर्जुन उवाच: एवं सततयुक्ता ये भक्तास्त्वां पर्युपासते। ये चाप्यक्षरमव्यक्तं तेषां के योगवित्तमाः ।। अर्जुन बोले- जो अनन्यप्रेमी भक्तजन पूर्वोक्त प्रकारसे निरन्तर आपके भजन ध्यानमें लगे रहकर आप सगुणरूप परमेश्वरको और…।

10 Feb 2025181
Holi Katha: The Spiritual Significance – होली कथा: आध्यात्मिक महत्व
त्योहार

Holi Katha: The Spiritual Significance – होली कथा: आध्यात्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को होली का पावन पर्व मनाया जाता है। भारतवर्ष में होली का पावन पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

09 Feb 2025237
Chapter 11 : Vishvarupa Darshana Yoga – अध्याय ११: विश्वरूपदर्शनयोग
भागवद गीता

Chapter 11 : Vishvarupa Darshana Yoga – अध्याय ११: विश्वरूपदर्शनयोग

अर्जुन उवाच मदनुग्रहाय परमं गुह्यमध्यात्मसञ्जितम् । यत्त्वयोक्तं वचस्तेन मोहोऽयं विगतो मम ॥ अर्जुन बोले- मुझपर अनुग्रह करनेके लिये आपने जो परम गोपनीय अध्यात्मविषयक वचन अर्थात् उपदेश कहा, उससे मेरा यह…

08 Feb 2025209
108 Names of Lord Ganesha – श्री गणेश के 108 नाम
शतनामावली

108 Names of Lord Ganesha – श्री गणेश के 108 नाम

भगवान गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता, बुद्धि और समृद्धि के दाता के रूप में जाना जाता है, उनके 108 नाम अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। हर नाम भगवान गणेश के विभिन्न गुणों, शक्तियों और लीलाओं का प्रतिनिधित्व करता है। इन नामों का जाप करने से भक्तों को ज्ञान, सफलता और बाधाओं से मुक्ति प्राप्त होती है। यह लेख भगवान गणेश के 108 नामों के अर्थ और उनके महत्व पर प्रकाश डालता है, जिससे भक्तों को उनकी पूजा में गहराई लाने में मदद मिलती है।

08 Feb 2025347
Shani Shingnapur – शनि शिंगणापुर
मंदिर

Shani Shingnapur – शनि शिंगणापुर

परिचय भारत में कई धार्मिक स्थल अपनी अनोखी मान्यताओं और परंपराओं के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित शनि शिंगणापुर मंदिर की विशेषता इसे…

07 Feb 2025202
Chapter 9 : Rajavidya Rajaguhya Yoga – अध्याय ९ : राजविद्याराजगुह्ययोग
भागवद गीता

Chapter 9 : Rajavidya Rajaguhya Yoga – अध्याय ९ : राजविद्याराजगुह्ययोग

इदं तु ते गुहातमं प्रवक्ष्याम्यनसूयवे। ज्ञानं विज्ञानसहितं यज्ञात्वा मोक्ष्यसेऽशुभात् ॥ श्रीभगवान् बोले- तुझ दोषदृष्टिरहित भक्तके लिये इस परम गोपनीय विज्ञानसहित ज्ञानको पुनः भलीभाँति कहूँगा, जिसको जानकर तू दुःखरूप संसारसे मुक्त…

05 Feb 2025199
Chamunda mata mandir – Chotila | चामुंडा माता मंदिर – चोटील
मंदिर

Chamunda mata mandir – Chotila | चामुंडा माता मंदिर – चोटील

चोटिला में स्थित चामुंडा माता मंदिर गुजरात, भारत में स्थित है। यहाँ पर चामुंडा देवी की पूजा और भक्तों का आदर किया जाता है। मंदिर का स्थान पहाड़ी क्षेत्र में है जहाँ से आसपास के सुंदर दृश्यों का आनंद लिया जा सकता है। यह मंदिर भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है।

04 Feb 20251,006
Chapter 8 : Aksara Brahma Yoga – अध्याय ८: अक्षरब्रह्मयोग
भागवद गीता

Chapter 8 : Aksara Brahma Yoga – अध्याय ८: अक्षरब्रह्मयोग

अर्जुन उवाच किं तद्ब्रह्म किमध्यात्मं किं कर्म पुरुषोत्तम। अधिभूतं च किं प्रोक्तमधिदैवं किमुच्यते ॥ अर्जुनने कहा- हे पुरुषोत्तम ! वह ब्रह्म क्या है? अध्यात्म क्या है? कर्म क्या है? अधिभूत…

03 Feb 2025149
Chapter 7 : Gyaan Vigyaan Yoga – अध्याय ७: ज्ञानविज्ञानयोग
भागवद गीता

Chapter 7 : Gyaan Vigyaan Yoga – अध्याय ७: ज्ञानविज्ञानयोग

श्रीभगवानुवाच मव्यासक्तमनाः पार्थ योगं युञ्जन्मदाश्रयः । असंशयं समग्रं मां यथा ज्ञास्यसि तच्छृणु ॥ श्रीभगवान् बोले- हे पार्थ! अनन्यप्रेमसे मुझमें आसक्तचित्त तथा अनन्यभावसे मेरे परायण होकर योगमें लगा हुआ तू जिस…

02 Feb 2025221
trimbakeshwar-jyotirlinga-guide
12 Jyotirlingas

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग: Trimbakeshwar Temple Guide & Katha

महाराष्ट्र के नासिक जिले में ब्रह्मगिरि पर्वत की तलहटी और पवित्र गोदावरी नदी के उद्गम स्थल पर स्थित त्र्यंबकेश्वर मंदिर भगवान शिव के 12 पावन ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इस ज्योतिर्लिंग की अद्वितीय विशेषता यह है कि यहाँ शिवलिंग में तीन मुख हैं, जो त्रिदेव—भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान रुद्र (महेश) के प्रतीक माने जाते हैं। शिव पुराण के अनुसार, महर्षि गौतम की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर महादेव यहाँ प्रकट हुए थे। यह पवित्र धाम कालसर्प दोष और नारायण नागबलि पूजा के लिए भी देश-विदेश में प्रसिद्ध है।

01 Feb 2025292