उठो सोने वालों सबेरा हुआ है | वंशीधर शुक्ल का प्रेरणादायक देशभक्ति भजन

उठो सोने वालों सबेरा हुआ है | वंशीधर शुक्ल का प्रेरणादायक देशभक्ति भजन
उठो सोने वालों सबेरा हुआ है एक प्रसिद्ध प्रेरणादायक देशभक्ति भजन है, जिसकी रचना प्रसिद्ध कवि वंशीधर शुक्ल ने की थी। यह भजन लोगों को आलस्य छोड़कर जागने, नई सोच अपनाने और देश के विकास में अपना योगदान देने का संदेश देता है।
इस भजन में कवि ने सुबह के सुंदर दृश्य के माध्यम से जीवन में आशा, उत्साह और नई ऊर्जा का संचार करने की प्रेरणा दी है। यह गीत हमें याद दिलाता है कि हर नई सुबह अपने साथ नए अवसर लेकर आती है।
उठो सोने वालों सबेरा हुआ है भजन के बोल
उठो सोने वालों सबेरा हुआ है ।
वतन के फकीरों का फेरा हुआ है ॥
उठो अब निराशा निशा खो रही है
सुनहली-सी पूरब दिशा हो रही है
उषा की किरण जगमगी हो रही है
विहंगों की ध्वनि नींद तम धो रही है
तुम्हें किसलिए मोह घेरा हुआ है
उठो सोने वालों सबेरा हुआ है ॥
उठो बूढ़ों बच्चों वतन दान माँगो
जवानों नई ज़िंदगी ज्ञान माँगो
पड़े किसलिए देश उत्थान माँगो
शहीदों से भारत का अभिमान माँगो
घरों में दिलों में उजाला हुआ है ।
उठो सोने वालों सबेरा हुआ है ॥
उठो देवियों वक्त खोने न दो तुम
जगे तो उन्हें फिर से सोने न दो तुम
कोई फूट के बीज बोने न दो तुम
कहीं देश अपमान होने न दो तुम
घड़ी शुभ मुहूरत का फेरा हुआ है ।
उठो सोने वालों सबेरा हुआ है ॥
हवा क्रांति की आ रही ले उजाली
बदल जाने वाली है शासन प्रणाली
जगो देख लो मस्त फूलों की डाली
सितारे भगे आ रहा अंशुमाली
दरख़्तों पे चिड़ियों का फेरा हुआ है ।
उठो सोने वालों सबेरा हुआ है ॥
— वंशीधर शुक्ल
भजन का भावार्थ
इस भजन में कवि लोगों को जागने का संदेश देते हैं। यहां "सोने" का अर्थ केवल नींद नहीं बल्कि अज्ञान, आलस्य और निराशा से है।
कवि कहते हैं कि नई सुबह आ चुकी है और अब हमें अपने जीवन, समाज और देश के लिए अच्छे कार्य करने चाहिए। युवाओं को ज्ञान और शक्ति प्राप्त करने, तथा देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा दी गई है।
उठो सोने वालों सबेरा हुआ है से मिलने वाली सीख
- हमेशा आशावादी सोच रखनी चाहिए।
- समय का सही उपयोग करना चाहिए।
- देश और समाज के विकास में योगदान देना चाहिए।
- ज्ञान और मेहनत से जीवन को बेहतर बनाना चाहिए।
- निराशा छोड़कर नई शुरुआत करनी चाहिए।
वंशीधर शुक्ल के बारे में
वंशीधर शुक्ल हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कवि और लेखक थे। उनकी रचनाओं में देश प्रेम, समाज सुधार और जागृति की भावना दिखाई देती है। उनकी कविताएं लोगों को प्रेरणा देने और सकारात्मक बदलाव के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
निष्कर्ष
"उठो सोने वालों सबेरा हुआ है" केवल एक भजन नहीं बल्कि जागृति और प्रेरणा का संदेश है। यह हमें याद दिलाता है कि हर सुबह एक नई शुरुआत का अवसर लेकर आती है। हमें अपने जीवन में मेहनत, ज्ञान और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
FAQ
उठो सोने वालों सबेरा हुआ है भजन किसने लिखा है?
यह प्रेरणादायक भजन वंशीधर शुक्ल द्वारा लिखा गया है।
उठो सोने वालों सबेरा हुआ है किस प्रकार का गीत है?
यह देशभक्ति और प्रेरणादायक भजन है।
इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
इस भजन का संदेश है कि हमें आलस्य और निराशा छोड़कर जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।
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