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देवी की कथाएँ

Devi Ki Kathaye

193 लेख

मंगला गौरी कथा
देवी की कथाएँ

मंगला गौरी कथा – अध्याय 3: पुत्र का भाग्य

मंगला गौरी कथा का अध्याय 3 — पुत्र का भाग्य। व्यापारी का पुत्र अल्पायु होता है जिसके कारण मंगला गौरी की पूजा से उसे लम्बी आयु का वरदान मिलता है।

13 Apr 2026147
भुवनेश्वरी देवी कथा
देवी की कथाएँ

भुवनेश्वरी देवी कथा – अध्याय 3: आशीर्वाद और सशक्तिकरण

भुवनेश्वरी देवी कथा का अध्याय 3 — आशीर्वाद और सशक्तिकरण। यह अध्याय राजा द्युमत्सेन को देवी भुवनेश्वरी द्वारा दिए गए आशीर्वाद और शक्तियों के बारे में बताता है।

13 Apr 2026126
उमिया माता कथा
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उमिया माता कथा – अध्याय 1: उमिया माता का प्रादुर्भाव

उमिया माता कथा का अध्याय 1 — उमिया माता का प्रादुर्भाव। यह अध्याय उमिया माता के प्राकट्य और उनके दिव्य मूल की कहानी बताता है।

13 Apr 2026136
करणी माता कथा
देवी की कथाएँ

करणी माता कथा – अध्याय 7: करणी माता की विदाई

करणी माता कथा का अध्याय 7 — करणी माता की विदाई। अंतिम अध्याय में करणी माता की तीर्थयात्रा और उनकी अद्भुत विदाई का वर्णन है, साथ ही कहानी का नैतिक संदेश भी है।

13 Apr 2026139
चिंतपूर्णी माता कथा
देवी की कथाएँ

चिंतपूर्णी माता कथा – अध्याय 5: नैतिकता और आशीर्वाद

चिंतपूर्णी माता कथा का अध्याय 5 — नैतिकता और आशीर्वाद। चिंतपूर्णी माता की कथा भक्ति, सत्यनिष्ठा और विश्वास की शक्ति का संदेश देती है, साथ ही उनके आशीर्वाद का महत्व बताती है।

13 Apr 2026135
मंगला गौरी कथा
देवी की कथाएँ

मंगला गौरी कथा – अध्याय 2: कठिनाइयाँ और भक्ति

मंगला गौरी कथा का अध्याय 2 — कठिनाइयाँ और भक्ति। मंगला गौरी के भक्त का जीवन कठिनाइयों से भर जाता है, लेकिन वह अपनी भक्ति में अडिग रहती है।

13 Apr 2026132
पावागढ़ माता कथा
देवी की कथाएँ

पावागढ़ माता कथा – अध्याय 1: उत्पत्ति और सृष्टि का आरम्भ

पावागढ़ माता कथा का अध्याय 1 — उत्पत्ति और सृष्टि का आरम्भ। यह अध्याय सृष्टि के आरम्भ और महाकाली के प्राकट्य की पृष्ठभूमि स्थापित करता है।

13 Apr 2026150
भुवनेश्वरी देवी कथा
देवी की कथाएँ

भुवनेश्वरी देवी कथा – अध्याय 2: राजा द्युमत्सेन की खोज

भुवनेश्वरी देवी कथा का अध्याय 2 — राजा द्युमत्सेन की खोज। यह अध्याय राजा द्युमत्सेन की भक्ति और भुवनेश्वरी के दर्शन पाने की उनकी कठिन तपस्या का वर्णन करता है।

13 Apr 2026193
बहुचराजी माता कथा
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बहुचराजी माता कथा – अध्याय 5: विरासत, भक्ति और बहुचराजी का महत्व

बहुचराजी माता कथा का अध्याय 5 — विरासत, भक्ति और बहुचराजी का महत्व। यह अध्याय बताता है कि बहुचराजी माता की विरासत, उनके प्रति भक्ति, और उनके महत्व को आज भी माना जाता है।

13 Apr 2026134