Tilak Kathayein (तिलक कथा) - आज का पंचांग, आरती और हिंदू कथाएँ - Tilak Kathayein

Tilak Kathayein – हिंदू कथाएँ, आरती, चालीसा, मंत्र और मंदिर जानकारी

उडुपी श्री कृष्ण
मंदिर

Udupi Shri Krishna Mandir | उडुपी श्री कृष्ण मंदिर – दर्शन समय, इतिहास, कैसे पहुंचें | संपूर्ण जानकारी

उडुपी श्री कृष्ण मंदिर का इतिहास, दर्शन समय, पहुंच मार्ग और महत्व जानें, जो कर्नाटक का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह प्राचीन मंदिर अपने अनूठे दर्शन और आध्यात्मिक वातावरण के लिए विख्यात है।

Tilak Kathayein08 Jun 2026
Khatu Shyam Mandir
मंदिर

Khatu Shyam Mandir | खाटू श्याम मंदिर 2026 – दर्शन समय, इतिहास, कैसे पहुंचें | संपूर्ण जानकारी

Khatu Shyam Mandir (Sikar, Rajasthan) की संपूर्ण जानकारी – आरती समय, दर्शन timing, कैसे पहुंचें, इतिहास और यात्रा गाइड। जानें सब कुछ एक जगह।

Tilak Kathayein28 Mar 2026
🕉

आज का पंचांग

20 जून 2026 • शनिवार

🌙
तिथि
षष्ठी
🌗
पक्ष
शुक्ल पक्ष
📅
मास
आषाढ़
🗓️
वि.सं.
वि.सं. 2083
📿
वार
शनिवार
नक्षत्र
मघा

नवीनतम लेख

विंध्यवासिनी देवी कथा
देवी की कथाएँ

विंध्यवासिनी देवी कथा – अध्याय 3: महिषासुर से युद्ध

विंध्यवासिनी देवी कथा का अध्याय 3 — महिषासुर से युद्ध। देवी विंध्यवासिनी महिषासुर नामक राक्षस से युद्ध करती हैं और उसका वध करती हैं।

13 Apr 202663
बगलामुखी माता कथा
देवी की कथाएँ

बगलामुखी माता कथा – अध्याय 1: बगलामुखी माता का प्राकट्य

बगलामुखी माता कथा का अध्याय 1 — बगलामुखी माता का प्राकट्य। इस अध्याय में देवी बगलामुखी के प्राकट्य की कथा और कारण का वर्णन है, जब भगवान विष्णु ने उनसे सहायता मांगी थी।

13 Apr 202666
चामुंडा माता कथा
देवी की कथाएँ

चामुंडा माता कथा – अध्याय 7: विजय और आशीर्वाद

चामुंडा माता कथा का अध्याय 7 — विजय और आशीर्वाद। देवी चामुंडा शुंभ और निशुंभ का वध करके धर्म की स्थापना करती हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं, जिससे संसार में शांति स्थापित होती है।

13 Apr 202650
त्रिपुर सुंदरी कथा
देवी की कथाएँ

त्रिपुर सुंदरी कथा – अध्याय 2: कामदेव का पुनर्जन्म

त्रिपुर सुंदरी कथा का अध्याय 2 — कामदेव का पुनर्जन्म। यह अध्याय कामदेव के पुनर्जन्म और त्रिपुर सुंदरी के प्रति उनकी भक्ति को दर्शाता है।

13 Apr 202656
कामाख्या देवी कथा
देवी की कथाएँ

कामाख्या देवी कथा – अध्याय 3: कामदेव का पुनर्जन्म श्राप

कामाख्या देवी कथा का अध्याय 3 — कामदेव का पुनर्जन्म श्राप। कामदेव को शिव द्वारा भस्म कर दिया जाता है, और वह श्रापित होकर पुनः जन्म लेते हैं, जिससे कामरूप प्रदेश में कामाख्या का स्थान बनता है।

13 Apr 202646
तुलसी माता कथा
देवी की कथाएँ

तुलसी माता कथा – अध्याय 6: वृंदा का श्राप और रूपांतरण

तुलसी माता कथा का अध्याय 6 — वृंदा का श्राप और रूपांतरण। वृंदा को विष्णु के छल का पता चलता है और वह विष्णु को श्राप देती है, फिर खुद को अग्नि को समर्पित कर देती है और तुलसी के पौधे में परिवर्तित हो जाती है।

13 Apr 202656
अन्नपूर्णा माता कथा
देवी की कथाएँ

अन्नपूर्णा माता कथा – अध्याय 2: काशी में अकाल का प्रकोप

अन्नपूर्णा माता कथा का अध्याय 2 — काशी में अकाल का प्रकोप। पार्वती के अंतर्ध्यान होने से पृथ्वी पर भयंकर अकाल पड़ता है और लोग भूख से मरते लगते हैं।

13 Apr 202649
अंबा माता कथा
देवी की कथाएँ

अंबा माता कथा – अध्याय 3: अंबा का तप और पुनर्जन्म

अंबा माता कथा का अध्याय 3 — अंबा का तप और पुनर्जन्म। अंबा भीष्म से बदला लेने के लिए कठोर तपस्या करती है और शिखंडी के रूप में पुनर्जन्म लेती है।

13 Apr 202653
बृहस्पति गुरु कथा
कथाएँ

बृहस्पति गुरु कथा – अध्याय 4: पुनर्मिलन और सुलह

बृहस्पति गुरु कथा का अध्याय 4 — पुनर्मिलन और सुलह। ब्रह्मा के हस्तक्षेप से तारा बृहस्पति के पास लौटती है और देवताओं और असुरों के बीच शांति स्थापित होती है।

13 Apr 202662
विंध्यवासिनी देवी कथा
देवी की कथाएँ

विंध्यवासिनी देवी कथा – अध्याय 2: विंध्यवासिनी का पलायन और प्रकटीकरण

विंध्यवासिनी देवी कथा का अध्याय 2 — विंध्यवासिनी का पलायन और प्रकटीकरण। कंस द्वारा फेंके जाने पर देवी योगमाया विंध्य पर्वत पर प्रकट होती हैं और विंध्यवासिनी के रूप में स्थापित होती हैं।

13 Apr 202664
चामुंडा माता कथा
देवी की कथाएँ

चामुंडा माता कथा – अध्याय 6: शुंभ-निशुंभ की चुनौती

चामुंडा माता कथा का अध्याय 6 — शुंभ-निशुंभ की चुनौती। शुंभ और निशुंभ चामुंडा की शक्ति से ईर्ष्या करते हैं और उसे युद्ध के लिए ललकारते हैं, जिससे एक और भयानक युद्ध की शुरुआत होती है।

13 Apr 202644
राधा कथा
देवी की कथाएँ

राधा कथा – अध्याय 7: अनन्त प्रेम और भक्ति

राधा कथा का अध्याय 7 — अनन्त प्रेम और भक्ति। राधा और कृष्ण का प्रेम अनंत और शाश्वत है, जो भक्तों के लिए भक्ति और प्रेम का मार्ग दिखाता है।

13 Apr 202654
Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

'नमो चंडिके, नमो चामुंडाय नमः' मंत्र जाप से शक्ति और सुरक्षा मिलती है, जो दुर्गा सप्तशती में वर्णित है और देवी चामुंडा के दिव्य स्वरूप की आराधना द्वारा आध्यात्मिक उन्नति और विघ्न निवारण का मार्ग प्रशस्त करता है.

26 May 202665
ॐ जय जगदीश हरे

Om Jai Jagdish Hare | ॐ जय जगदीश हरे

ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान विष्णु को समर्पित है, जिसकी सरल विधि और भक्तिपूर्ण गायन से आध्यात्मिक शांति मिलती है। यह आरती घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

09 May 202677
जय अम्बे गौरी

Jai Ambe Gauri | जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी आरती के बोल माता दुर्गा की स्तुति हैं, जिसे विधिपूर्वक गाने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह शक्तिशाली आरती नवरात्रि में विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसका जप भव बाधाओं को दूर करता है।

09 May 202666
काल भैरव और कुत्ते का संबंध | पौराणिक महत्व | काल भैरव और कुत्ते का संबंध | पौराणिक महत्व

काल भैरव और कुत्ते का संबंध | पौराणिक महत्व | काल भैरव और कुत्ते का संबंध | पौराणिक महत्व

कालभैरव का वाहन कुत्ता है, जो रक्षा और वफादारी का प्रतीक माना जाता है। हिंदू धर्म में, भैरव को शिव का रौद्र रूप और काशी का कोतवाल कहा जाता है, जिनकी पूजा अनिष्ट निवारण और सुरक्षा के लिए की जाती है।

07 Jun 202647
मंगल दोष

What is Mangal Dosha? | मंगल दोष क्या है?

हिंदू धर्म में मंगल दोष का गहन महत्व है, जो विवाह और व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करता है। यह दोष ज्योतिषीय गणना पर आधारित है और इसके निवारण के उपाय भी बताए गए हैं।

02 Jun 2026100
उत्तराखंड के चार धाम | Uttarakhand Char Dham Yatra in Hindi

उत्तराखंड के चार धाम | Uttarakhand Char Dham Yatra in Hindi

उत्तराखंड के चार धाम – बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में पढ़ें। जानें चार धाम यात्रा का धार्मिक महत्व, यात्रा मार्ग, दर्शन समय और यात्रा टिप्स।

28 May 202659
गंगा दशहरा 2026 कब है? महत्व, कथा और गंगा स्नान के लाभ

When is Ganga Dussehra 2026? | गंगा दशहरा 2026 कब है?

सन 2026 में गंगा दशहरा 1 जून को मनाया जाएगा, जो हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है; इस दिन गंगा स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है। यह पर्व राजा भगीरथ द्वारा स्वर्ग से गंगा को धरती पर लाने की कथा से जुड़ा है, जिसके महत्व और लाभ के बारे में विस्तृत जानक

23 May 2026152
कालाष्टमी व्रत – अध्याय 5: भक्ति का फल और सीख

कालाष्टमी व्रत – अध्याय 5: भक्ति का फल और सीख

कालाष्टमी व्रत का अध्याय 5 — भक्ति का फल और सीख। यह अंतिम अध्याय बताता है कि कालाष्टमी व्रत रखने से प्राप्त होने वाले परिणाम और इससे मिली सीख क्या है।

08 Jun 202654
कालाष्टमी व्रत – अध्याय 4: दिव्य हस्तक्षेप और आशीर्वाद

कालाष्टमी व्रत – अध्याय 4: दिव्य हस्तक्षेप और आशीर्वाद

कालाष्टमी व्रत का अध्याय 4 — दिव्य हस्तक्षेप और आशीर्वाद। अध्याय चार में, भगवान भैरव भक्त की अटूट भक्ति से प्रसन्न होते हैं और उसे अपना आशीर्वाद देते हैं।

08 Jun 202645
कालाष्टमी व्रत – अध्याय 3: परीक्षा और कष्टों का सामना

कालाष्टमी व्रत – अध्याय 3: परीक्षा और कष्टों का सामना

कालाष्टमी व्रत का अध्याय 3 — परीक्षा और कष्टों का सामना। इस अध्याय में, भक्त को भगवान की कृपा प्राप्त करने से पहले कई बाधाओं और परीक्षाओं का सामना करना पड़ता है।

08 Jun 202634