
श्रीमद भागवत पुराण – अध्याय 5: मत्स्य और कूर्म अवतार कथा
श्रीमद भागवत पुराण का अध्याय 5 — मत्स्य और कूर्म अवतार कथा। प्रलय के समय मत्स्य अवतार में विष्णु द्वारा मनु की रक्षा और कूर्म अवतार में समुद्र मंथन में सहायता।
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श्रीमद भागवत पुराण का अध्याय 5 — मत्स्य और कूर्म अवतार कथा। प्रलय के समय मत्स्य अवतार में विष्णु द्वारा मनु की रक्षा और कूर्म अवतार में समुद्र मंथन में सहायता।

रामचरितमानस का अध्याय 1 — बालकाण्ड: दिव्य प्रारम्भ। यह काण्ड राम के जन्म, बचपन और विश्वामित्र के साथ वन गमन की कथा का वर्णन करता है।

भगवद गीता का अध्याय 8 — विश्वरूप दर्शन: ब्रह्मांडीय दृष्टि। कृष्ण अर्जुन को अपने विराट रूप का दर्शन कराते हैं, जिससे अर्जुन को ब्रह्मांडीय वास्तविकता और पूर्णता का अनुभव होता है।

रामायण का अध्याय 2 — शिव धनुष का टूटना। राम सीता स्वयंवर में शिव धनुष तोड़ते है, तथा राम और सीता का विवाह होता है।

महाभारत का अध्याय 6 — वनवास और तैयारियां। पांडवों का वनवास, उनकी कठिनाइयाँ, और महाभारत युद्ध की तैयारी का वर्णन इसमें है।

श्रीमद भागवत पुराण का अध्याय 4 — वामन अवतार: राजा बलि की परीक्षा। राजा बलि के अहंकार को तोड़ने के लिए भगवान विष्णु वामन अवतार लेते हैं और उनसे तीन पग भूमि दान में मांगते हैं।

भगवद गीता का अध्याय 7 — परम देवत्व: अनुभूति। कृष्ण अपनी दिव्य प्रकृति, सर्वव्यापीता और सभी प्राणियों के मूल के रूप में अपनी भूमिका का खुलासा करते हैं, अर्जुन को अपनी वास्तविक पहचान बताते हैं।

रामायण का अध्याय 1 — जन्म एवं प्रारंभिक जीवन। भगवान राम का जन्म, उनकी शिक्षा, और उनके भाइयों के साथ उनका बचपन अवध में आनंदपूर्वक बीता।

महाभारत का अध्याय 5 — द्युत क्रीड़ा और द्रौपदी। कौरवों और पांडवों के बीच धोखे से भरी चौसर का खेल और द्रौपदी के अपमान का वर्णन इसमें है।

श्रीमद भागवत पुराण का अध्याय 3 — हिरण्यकशिपु और नरसिंह अवतार। हिरण्यकशिपु की तपस्या और अत्याचार, और भगवान विष्णु द्वारा नरसिंह अवतार लेकर उसका वध।

भगवद गीता का अध्याय 6 — आत्म-नियंत्रण और ध्यान। कृष्ण एकाग्रता, ध्यान के अभ्यास और मन पर नियंत्रण पाने के महत्व का वर्णन करते हैं, एक स्थिर बुद्धि बनाने पर जोर देते हैं।

महाभारत का अध्याय 4 — कृष्ण और पांडव। कृष्ण और पांडवों के बीच पनपते संबंध और हस्तिनापुर के राजनीतिक परिदृश्य का परिचय इसमें है।