
सती कथा – अध्याय 7: परिणाम और पुनर्जन्म
सती कथा का अध्याय 7 — परिणाम और पुनर्जन्म। शिव सती के शरीर को लेकर विलाप करते हैं, विष्णु चक्र से शरीर के टुकड़े करते हैं, और सती का पार्वती के रूप में पुनर्जन्म होता है।
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सती कथा का अध्याय 7 — परिणाम और पुनर्जन्म। शिव सती के शरीर को लेकर विलाप करते हैं, विष्णु चक्र से शरीर के टुकड़े करते हैं, और सती का पार्वती के रूप में पुनर्जन्म होता है।

सती कथा का अध्याय 6 — शिव का क्रोध और विनाश। सती के आत्मदाह से क्रोधित होकर शिव वीरभद्र को भेजते हैं, जो दक्ष के यज्ञ को नष्ट कर देते हैं और दक्ष का सिर काट देते हैं।

सती कथा का अध्याय 5 — सती का आत्मदाह। अपने पति शिव के अपमान से क्रोधित होकर सती यज्ञ में कूदकर आत्मदाह कर लेती हैं।

सती कथा का अध्याय 4 — दक्ष का यज्ञ और अपमान। दक्ष एक विशाल यज्ञ का आयोजन करते हैं, जिसमें वे शिव को आमंत्रित नहीं करते हैं और उनका अपमान करते हैं।

सती कथा का अध्याय 3 — सती और शिव का विवाह। सती और शिव का विवाह होता है, लेकिन दक्ष इस विवाह से प्रसन्न नहीं हैं और शिव का अपमान करते हैं।

सती कथा का अध्याय 2 — सती का शिव के लिए तप। सती शिव को पति रूप में पाने के लिए कठिन तपस्या करती हैं और उनकी भक्ति से शिव प्रसन्न होते हैं।

सती कथा का अध्याय 1 — सती का जन्म और शिव। दक्ष की पुत्री सती का जन्म होता है, और वे बचपन से ही शिव के प्रति आकर्षित होती हैं।

सीता कथा का अध्याय 9 — वापसी और धर्म राज्य। राम, सीता और लक्ष्मण अयोध्या लौटते हैं, और राम धर्म राज्य की स्थापना करते हैं।

सीता कथा का अध्याय 8 — युद्ध और मुक्ति। राम और रावण के बीच भीषण युद्ध होता है, और राम रावण का वध करके सीता को मुक्त कराते हैं।

सीता कथा का अध्याय 7 — हनुमान की खोज। हनुमान सीता की खोज में लंका जाते हैं और उन्हें राम का संदेश देते हैं।

सीता कथा का अध्याय 6 — रावण द्वारा सीता हरण। रावण छल से सीता का हरण कर लंका ले जाता है, जिससे राम व्याकुल हो उठते हैं।

सीता कथा का अध्याय 5 — वनवास की यात्रा। राम, सीता, और लक्ष्मण चौदह वर्ष के वनवास के लिए अयोध्या छोड़ देते हैं।