Khatu Shyam Aarti – खाटू श्याम आरती | Tilak Kathayein - Tilak Kathayein
आरती

Khatu Shyam Aarti – खाटू श्याम आरती

Tilak Kathayein14 Jan 202569 views📖 1 min read
Khatu Shyam Aarti –  खाटू श्याम आरती
खाटू श्याम की आरती एक प्रसिद्ध हिंदी आरती है जो खाटू श्याम जी की पूजा में उतारी जाती है। यह आरती उनकी भक्ति में उत्साह और आनंद को अभिव्यक्त करती…

खाटू श्याम की आरती एक प्रसिद्ध हिंदी आरती है जो खाटू श्याम जी की पूजा में उतारी जाती है। यह आरती उनकी भक्ति में उत्साह और आनंद को अभिव्यक्त करती है। इस आरती में खाटू श्याम जी की महिमा और गुणगान किए जाते हैं। आरती में भक्तों द्वारा खाटू श्याम जी को प्रार्थना की जाती है कि वे सदैव अपनी कृपा और आशीर्वाद से सभी भक्तों की संतान को सुरक्षित रखें। इस आरती को पढ़ने से भक्तों का मन शांति प्राप्त होता है और उन्हें ध्यान में स्थिरता मिलती है।

ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे ।
खाटू धाम विराजत,अनुपम रूप धरे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे ।

रतन जड़ित सिंहासन,सिर पर चंवर ढुरे ।
तन केसरिया बागो,कुण्डल श्रवण पड़े ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे ।

गल पुष्पों की माला,सिर पार मुकुट धरे ।
खेवत धूप अग्नि पर,दीपक ज्योति जले ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे ।

मोदक खीर चूरमा,सुवरण थाल भरे ।
सेवक भोग लगावत,सेवा नित्य करे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे ।

झांझ कटोरा और घडियावल,शंख मृदंग घुरे ।
भक्त आरती गावे,जय-जयकार करे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे ।

जो ध्यावे फल पावे,सब दुःख से उबरे ।
सेवक जन निज मुख से,श्री श्याम-श्याम उचरे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे ।

श्री श्याम बिहारी जी की आरती,जो कोई नर गावे ।
कहत भक्त-जन,मनवांछित फल पावे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे ।

जय श्री श्याम हरे,बाबा जी श्री श्याम हरे ।
निज भक्तों के तुमने,पूरण काज करे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे ।

ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे।
खाटू धाम विराजत,अनुपम रूप धरे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे ।

शेयर करें:

संबंधित लेख

Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता
आरती

Stuti - Namo Chandike Ho Chamund Mata | नमो चंडिके हो चामुंड माता

'नमो चंडिके, नमो चामुंडाय नमः' मंत्र जाप से शक्ति और सुरक्षा मिलती है, जो दुर्गा सप्तशती में वर्णित है और देवी चामुंडा के दिव्य स्वरूप की आराधना द्वारा आध्यात्मिक उन्नति और विघ्न निवारण का मार्ग प्रशस्त करता है.

26 May 202645
ॐ जय जगदीश हरे
आरती

Om Jai Jagdish Hare | ॐ जय जगदीश हरे

ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान विष्णु को समर्पित है, जिसकी सरल विधि और भक्तिपूर्ण गायन से आध्यात्मिक शांति मिलती है। यह आरती घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

09 May 202655
जय अम्बे गौरी
आरती

Jai Ambe Gauri | जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी आरती के बोल माता दुर्गा की स्तुति हैं, जिसे विधिपूर्वक गाने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह शक्तिशाली आरती नवरात्रि में विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसका जप भव बाधाओं को दूर करता है।

09 May 202648