
Om Jai Jagdish Hare | ॐ जय जगदीश हरे
ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान विष्णु को समर्पित है, जिसकी सरल विधि और भक्तिपूर्ण गायन से आध्यात्मिक शांति मिलती है। यह आरती घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।
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ॐ जय जगदीश हरे आरती भगवान विष्णु को समर्पित है, जिसकी सरल विधि और भक्तिपूर्ण गायन से आध्यात्मिक शांति मिलती है। यह आरती घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

गरुड़ पुराण का अध्याय 5 — मोक्ष और भक्ति। यह अध्याय मोक्ष प्राप्त करने के मार्ग, भगवान विष्णु की भक्ति के महत्व और ज्ञान की प्राप्ति पर जोर देकर गरुड़ पुराण का समापन करता है।

गरुड़ पुराण का अध्याय 4 — पुनर्जन्म और कर्म। यह अध्याय कर्म के सिद्धांत और पुनर्जन्म के चक्र पर केंद्रित है, जिसमें अच्छे और बुरे कर्मों के परिणाम विस्तार से बताए गए हैं।

गरुड़ पुराण का अध्याय 3 — मृतकों के लिए कर्मकाण्ड। यह अध्याय मृतकों के लिए किए जाने वाले विभिन्न अनुष्ठानों, जैसे कि श्राद्ध और पिंडदान के महत्व पर प्रकाश डालता है, जिससे आत्मा को शांति मिलती है।

गरुड़ पुराण का अध्याय 2 — मृत्यु के बाद की यात्रा। इस अध्याय में मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा का वर्णन है, जिसमें यमलोक का मार्ग और विभिन्न प्रकार की यातनाएँ शामिल हैं।

गरुड़ पुराण का अध्याय 1 — गरुड़ के प्रश्न, विष्णु के उत्तर। गरुड़ भगवान विष्णु से जीवन, मृत्यु, पुनर्जन्म और मोक्ष से संबंधित प्रश्न पूछते हैं, जिससे गरुड़ पुराण की शुरुआत होती है।

श्रीमद भागवत पुराण का अध्याय 9 — मुक्ति और विष्णु की कृपा। यह अध्याय भगवान विष्णु की भक्ति से मोक्ष प्राप्त करने, उनकी कृपा का महत्व, और भागवत पुराण के श्रवण का फल बताता है।

श्रीमद भागवत पुराण का अध्याय 8 — अन्य अवतार और विष्णु की महिमा। विष्णु के अन्य अवतारों का वर्णन, जैसे परशुराम और बुद्ध, और उनकी महिमा का गान किया गया है।

श्रीमद भागवत पुराण का अध्याय 7 — कृष्ण अवतार: प्रेम और धर्म। भगवान विष्णु कृष्ण अवतार लेकर कंस का वध करते हैं, महाभारत युद्ध में अर्जुन को गीता का उपदेश देते हैं, और प्रेम एवं धर्म की स्थापना करते हैं।

श्रीमद भागवत पुराण का अध्याय 6 — राम अवतार: धर्म की विजय। भगवान विष्णु राम अवतार लेकर रावण का वध करते हैं और धर्म की स्थापना करते हैं।

श्रीमद भागवत पुराण का अध्याय 5 — मत्स्य और कूर्म अवतार कथा। प्रलय के समय मत्स्य अवतार में विष्णु द्वारा मनु की रक्षा और कूर्म अवतार में समुद्र मंथन में सहायता।

श्रीमद भागवत पुराण का अध्याय 4 — वामन अवतार: राजा बलि की परीक्षा। राजा बलि के अहंकार को तोड़ने के लिए भगवान विष्णु वामन अवतार लेते हैं और उनसे तीन पग भूमि दान में मांगते हैं।